प्यार का मतलब
निशा और संजय कॉलेज में साथ साथ पढ़ते थे। दोनों एक दूसरे को बहुत प्यार करते थे। दोनों ने ही साथ साथ जीने मरने की कसम खा रखी थी।
दोनों ने अपने घर वालो की सहमति लेकर शादी करने का फैसला किया। निशा ने अपनी माँ से बात करने का फैसला किया जिससे वो पापा से बात कर ले। निशा ने अपनी माँ से कहा कि वो कॉलेज में एक लड़के से प्यार करती है और उससे शादी करना चाहती है। ये सुनते ही माँ का पारा चढ़ गया और बोली, "पढ़ने के बजाय तुझे शादी की ज्यादा जल्दी होरी, पढ़ना तो बस्का है नी, तुझे पढ़ने के लिए भेजा था कॉलेज, जब शादी का समय आएगा, तो तेरी शादी भी कर देंगे, घर में क्वारी बैठा के ना रखने के।"