एक मुसीबत सौ सहारे
विकासपुरी नाम के एक गांव में एक परिवार रहता था। परिवार में दोनों पति पत्नी (कर्मवीर और देविका) बूढ़ी माँ और उनकी इकलौती बेटी सुशीला रहते थे। कर्मवीर जी गांव के प्राइमरी स्कूल में टीचर थे। एक मुसीबत सौ सहारे . उन्होंने घर पर चार भैंस पाल रखी थी जिनको घास सुशीला ही खिलाती थी परिवार सुख शांति के साथ अपना जीवन यापन कर रहा था। अचानक एक दिन उस परिवार को ठाकुर के बेटे राणा की नजर लग गई। एक दिन जब सुशीला कॉलेज जा रही थी तो रास्ते में सुशीला को रोककर वह सुशीला के जबरदस्ती करने की कोशिश करने लगा। (सुशीला स्वस्थ लड़की थी भैंसो की देखभाल करने के कारण उसका शरीर मजबूत था।) उसने राणा को एक थप्पड़ लगा दिया थप्पड़ लगते ही राणा जमीन पर गिर पड़ा।और गिरते ही वह एक बात और समझ गया कि वह सुशीला के साथ जबदस्ती नहीं कर सकता और वह भाग खड़ा हुआ।