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Friday, 17 January 2020

Gautambudh ka jiwan prichay in hindi

गौतमबुद्ध का जन्म

गौतमबुद्ध के जन्म के लिए एक कहानी प्रचलित है। उनके जन्म के समय एक प्रथा प्रचलित थी। जब किसी महिला को बच्चा होने को होता था तो वह अपने मायके चली जाती थी। उसी के अनुसार गौतमबुद्ध की मां महामाया अपने मायके जा रही थी और रास्ते में ही कपिलवस्तु राज्य के पास लुंबिनी वन में (नेपाल) उन्हें प्रसवपिडा होने लगी और वही एक पेड़ के नीचे गौतमबुद्ध का जन्म हुआ। उनके पिता सुद्धोधन, कपिलवस्तु के राजा थे। उनकी माता का नाम महामाया था लेकिन उनके जन्म के ७ दिन बाद ही उनकी माता की मृत्यु हो गई थी। उनका पालन पोषण उनकी मौसी महाप्रजापती गौतमी ने किया। जब उनका नामकरण किया जा रहा था अनेक साधुसंतो को बुलाया गया बालक को देखकर सभी ने एक ही भविष्यवाणी की कि यह बालक सिद्धिपुरूष बनेगा। राजा के पूछने पर उन्होंने बताया कि यह बालक या तो महान राजा बनेगा या महान साधु और जैसा कि आप जानते है सिद्धिपुरुष ज्यादातर साधुओं में होते है अतः इसके साधु बनने की बहुत संभावनाएं है। इस सिद्धपुरूष वाली बात पर उस बालक का नाम सिद्धार्थ रखा गया।

कहानी प्रगति की

प्रगति एक औसत दर्जे की लड़की थी पढाई में भी कुछ खास नहीं थी। गेंहुए रंग के साथ उसका नाक नक्श बहुत अच्छा लगता था। 10वीं पास करने के बाद माँ ...