Tuesday, 14 April 2020

बच्चे की इच्छा

एक आठ साल का बच्चा प्रतिदिन अपने घर से निकलता और दो घंटे बाद वापस आता। ऐसा कई दिनों से चल रहा था। बच्चे की मम्मी ने बच्चे के पिता को यह बात बताई। पिता ने मम्मी को अस्वासन दिया कि कल वह खुद बच्चे पर ध्यान रखेंगे। 

अगले दिन ऑफिस से आधे दिन की छुट्टी लेकर पिता घर जल्दी आ गए। जैसे ही बच्चा घर से निकला, पिता ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। बच्चा काफी दूर तक चलने के बाद एक खंडर के पास पहुंचा। जहाँ दो घायल हुए कुत्ते थे शायद उन्हें दूसरे कुत्तो ने घायल कर दिया था। बच्चे ने उन्हें खाना खिलाया, पानी से उनके घाव साफ किये और वापस अपने घर की ओर चल दिया। घर पहुचकर पिता ने सारी बात मम्मी को बताई। 

उस दिन के बाद बच्चे को झूठ बोल कर बाहर जाने की जरुरत नहीं पड़ी। मम्मी उसे खुद खाना दे देती।

अच्छे काम करने की कोई उम्र नहीं होती। अगर इच्छा है तो हम कभी भी कुछ भी कर सकते है। ना बुढ़ापा अड़चन बनता है ना ही बचपन।

Monday, 13 April 2020

काला दूल्हा

काला दूल्हा

मै बहुत खुश थी, मेरी बहन आस्था की शादी थी वह मुझसे दो साल बड़ी थी, हमारे परिवार के सभी सदस्य गोरे रंग के है। जहाँ दीदी की शादी तय हुई है लड़का सरकारी नौकरी करता है उसका नाम राहुल है लड़के को सिर्फ पापा ने देखा था बाकि किसी ने नहीं देखा था। एक आवाज सुनकर मैं अपने विचारों से बाहर आयी, किसी ने आकर कहा, बारात आ गयी। मै दौड़कर बालकनी में गयी, मुझे दूल्हे को देखने की बहुत इच्छा हो रही थी लेकिन दूल्हे ने सेहरा पहन रखा था।

Thursday, 9 April 2020

रूपये का सर्कुलेसन

रूपये का सर्कुलेसन

रूपये का सर्कुलेसन बड़ी से बड़ी मंदी से भी हमें बाहर निकाल सकता है इसका एक उदाहरण देकर मै आपके लिए ये कहानी लिख रहा हूँ।

एक बार एक शहर में बहुत बड़ी मंदी फैली हुई थी। एक लॉज का मालिक अपने लॉज के काउंटर पर मुँह रखकर अपनी कुर्सी पर बैठा हुआ था। लॉज के लगभग सभी कमरे खाली पड़े थे। तभी एक कस्टमर लॉज में घुसा। उसने काउंटर पर आकर रूम लेने की बात कही। मालिक खुश हो गया। कस्टमर ने दो हजार रूपये और अपना आधार कार्ड काउंटर पर जमा कराया और एक वेटर के साथ रूम देखने के लिए चला गया।

Wednesday, 8 April 2020

प्यासा शेर

प्यासा शेर

शेर को बहुत प्यास लगी थी वह पानी की तलाश में इधर उधर भाग रहा था उसके दो बच्चे भी उसके पीछे पीछे भागे फिर रहे थे उन्हें पैदा हुए अभी एक ही महीना हुआ था। जिस नदी में शेर पानी पीता था उसका पानी पूरी तरह से सूख चुका था। शेर नदी के अंदर से चलता हुआ काफी आगे निकल गया। नदी में छोटे छोटे लेकिन गहरे गड्ढे थे जो हाथी के पैर कीचड़ में धसने से बने थे उनमें पानी था।

Tuesday, 7 April 2020

भगवन की कृपा

एक बार की बात है। भारत की एक टुकड़ी के जवान लद्दाख में एक पोस्ट को रिलीज करने के लिए जा रहे थे। सर्दी के दिन थे। रात के लगभग बारह बजे थे। बर्फ पड रही थी। कमांडर सोच रहा था कि अगर उसे एक कप चाय मिल जाती तो बहुत अच्छा होता। लेकिन इतनी रात में बर्फीले इलाके में चाय के बारे में सोचना भी गलत था। 

Thursday, 2 April 2020

पिंजरे के बन्दर

एक बार की बात है एक पिंजरे में बारह बंदरो को बंद कर दिया गया । सभी बंदर बहुत समझदार और स्वस्थ थे। पिंजरे के बीच में एक सीढ़ी खड़ी करके उस पर केलो का एक गुच्छा लटका दिया। गुच्छा इस प्रकार लटकाया गया था कि सीढ़ी पर चढ़कर केले आसानी से लिए जा सकते थे।

Wednesday, 1 April 2020

सूखा कुँआ

सूखे कुँए का पता चलते ही राहुल गांव की ओर चल पड़ा। साथ में उसका असिस्टेंट धीरज भी था। दोनों अपनी गाड़ी से गांव की ओर चल दिए। 

रास्ते में राहुल सोच रहा था कि कैसे एक छोटे से शहर का लड़का, जो कॉकरोच से भी डरता था। एक फॉरेस्ट ऑफिसर बन गया। वह बनना तो वो बैंक अधिकारी चाहता था उसने बैंक और फॉरेस्ट दोनों के ही फॉर्म भरे थे। लेकिन बैंक के पहले टेस्ट में ही फेल हो जाने के कारण उसने फॉरेस्ट की नौकरी पर अपना पूरा ध्यान लगा दिया। उसे काम की बहुत शख्त जरूरत थी। इसलिए उसने फॉरेस्ट की नौकरी को अपनी मेहनत के दम पर पा लिया। 

कहानी प्रगति की

प्रगति एक औसत दर्जे की लड़की थी पढाई में भी कुछ खास नहीं थी। गेंहुए रंग के साथ उसका नाक नक्श बहुत अच्छा लगता था। 10वीं पास करने के बाद माँ ...